मोदी विरोध पर विपक्षी एकता
17 नवम्बर 2015, नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव
2015 में भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए को मिली करारी हार ने भारतीय राजनीति में नए
समीकरण बनने के संकेत दिए है। महागठबंधन, जिसमें क्षेत्रीय दलों जदयू और राजद के
साथ राष्ट्रीय पार्टी कांग्रेस शामिल थी, ने बिहार में जातिवाद के नए आयाम कायम
करते हुए शानदार जीत हासिल की और एनडीए के सबका साथ, सबका विकास के साथ जातिय
समीकरण के तिलस्म को चकनाचूर कर दिया। इस परिणाम के बाद केंद्र में सत्तारूढ़
बीजेपी में आरोप-प्रत्यारोप के साथ मंथन का दौर जारी है क्योंकि ये एक साल के भीतर
मिली दूसरी हार है। दिल्ली में हार पर जितने सवाल खड़े किए गए उससे कहीं ज्यादा
बिहार में मिली हार पर प्रतिक्रिया हो रही है। आने वाले समय में केंद्र सरकार के
साथ-साथ बीजेपी के अंदर कई बड़े फेरबदल देखने को मिल सकतें हैं।