बिहार चुनाव और गौवंश का महत्व
06/10/2015,
नई दिल्ली। बिहार चुनाव के महासमर में लालू यादव के द्वारा दिया गया एक बयान
महागठबंधन के लिए मुसीबत का सबब बनते जा रहा है। विपक्षी एनडीए ने इस बयान को
लपकने में देर नही की और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने रातों-रात रणनीति बदलते हुए
लालू यादव पर हमला बोलने में भी देर नही की। उत्तर प्रदेश में ग्रेटर नोएडा के बिसहाड़ा
गांव में एक व्यक्ति की भीड़ द्वारा पीटकर हत्या किये जाने पर रविवार को प्रतिक्रिया
देते हुए राजद अध्यक्ष ने कहा कि “हिंदू गौमांस खाते हैं और जो भारतीय विदेश में रहते
हैं वो भी गौमांस खाते है। रोजाना मांस खाने वाले के लिए गौमांस और बकरे के मांस
में कोई फर्क नही होता है। सभ्य लोग कभी मांस नही खाते।“ इस बयान के आते ही बीजेपी की तरफ से प्रतिक्रिया आनी
शुरू हो गई और इस मुद्दे को हर मंच और सभा मे उठाया जा रहा है। इस बयान पर
महागठबंधन की तरफ से कोई आधिकारिक बयान अब तक सामने नही आया है। गलती का एहसास
होने पर लालू यादव ने झल्लाते हुए कहा कि शैतान ने ये सब उनके मुँह से निकलवाया
है।